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The Motivational Success Story Of J K Rowling In Hindi By Jayesh Halpati Jayesh

The Motivational Success Story Of J K Rowling

    दोस्तों हमारा अवचेतन मन एक उपजाऊ जमीन जैसा है। और हमारे विचार कल्पनाएं एक बीज की तरह है, हम जैसे  बीज बोलेंगे वैसे पेड़ पाएंगे।  मोटिवेशनल स्टोरी हमारे जीवन पर चमत्कारिक बदलाव लाती है। एक छोटी सी स्टोरी भी हमारे जीवन में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। हमारे जीवन को सुखी और समृद्ध बना सकती है। 
       मैं आज आपको अर्श से फर्श तक पहुंचने वाली एक महिला के बारे में बात करने वाला हूं। मुझे आशा है कि यह स्टोरी आपको प्रेरणा देगी और आपके जीवन में बदलाव लाएगी। 
     आपने हैरी पॉटर फिल्म का नाम तो सुना ही होगा और फिल्म भी देखी होगी। शायद आपने हैरी पॉटर की कहानियां भी पड़ी होगी। जो इंग्लैंड की बेस्ट सेलिंग बुक्स है।  आज मैं आपको हैरी पॉटर की राइटर J K Rowling की रियल मोटिवेशनल स्टोरी बताने जा रहा हूं, जो इंग्लैंड की बेस्ट सेलिंग Author है।  उन्हें 2010 में इंग्लैंड की सबसे प्रतिभाशाली महिला का दर्जा मिला था। 
    जेके रॉलिंग का नाम था  Joanne  Rowling  वह उनके परिवार के साथ, इंग्लैंड के ब्रिस्टल शहर के पास, एक छोटे से गांव tutshil में एक कस्बे में रहती थी। उनके माता पिता के बीच हमेशा झगड़ा हुआ करता था।        उसका असर उनकी पढ़ाई पर हुआ और वह अच्छी तरह पढ़ाई नहीं कर पाई।  जब वह 14 साल की थी तब उसकी एक सहेली ने उसे, जादूगर और चुड़ैलों की कहानी की किताब पढ़ने को दी। जब उसने वह किताब पढ़ी  उसे उस जादूगर और चुड़ैलों वाली किताब में मजा आने लगा। तो वह बार-बार वह किताबें पढ़ने लगी।  वह अपनी छोटी बहन को भी कहानी सुनाया करती थी। 
        एक बार जब वह ट्रेन से मैनचेस्टर से लंदन जा रही थी तब उसकी  ट्रेन 4 घंटे लेट हो गई थी।   तब उसके मन में हैरी पॉटर कहानी लिखने का विचार आया और उसने लिखना शुरु कर दिया।  उसी वक्त उसे ट्रेन से एक बच्चे का जादू की साला में जाने का विचार आया और ऐसे हैरी पॉटर कहानी की शुरुआत हुई। 
 वह यह चाहती थी कि उसकी यह कहानी किसी बड़े पब्लिशर से पब्लिश हो। और घर जाकर उसने अपने पुराने टाइपराइटर से कहानी लिखना शुरु कर दिया। थोड़े दिनों के बाद में उन्होंने शादी कर ली।  और उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया उसका नाम उन्होंने 'जेसिका' का रखा बाद में थोड़े दिनों के बाद ही, उसके पति उन्हें परेशान करने लगे।  उनके पति उन्हें बहुत हैरान करते थे।  उनका झगड़ा बढ़ता गया बाद में वह अपने पति से अलग हो गई। 
       वह अपनी बेटी को लेकर स्कॉटलैंड चली गई जहां उसकी बहन रहती थी।  वह अपनी बहन के साथ रहने लगी। वह  डिप्रेशन का शिकार हो गई थी।  एक बार तो उन्होंने आत्महत्या करने के बारे में भी सोचा था।     इतनी कठिनाइयों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपनी कहानी लिखती ही रही।  उन्होंने घर  खर्च के लिए  स्कॉटलैंड में टीचर को ट्रेनिंग देने की नौकरी ज्वाइन कर ली और अपनी किताब लिखती रही। 
      1995 में उन्होंने हैरी पॉटर की कहानी बुक 'Harry Potter and the philosopher's stone' लिखकर कंप्लीट कर दी। लेकिन जब वह अपनी किताब पब्लिश करने के लिए,  पब्लिशर के पास गई तो कई पब्लिक सर ने उनकी किताब पब्लिश करने से मना कर दिया।  लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी किताब लेकर  पब्लिक सर के पास जाती रही।  प्रयास चालू रखें।  लेकिन 12 पब्लिशर ने उनकी  किताब पब्लिश करने से मना कर दिया। 
      फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और  1 साल के बाद 'Bloomsbury Publishing House' ने उनकी किताब पब्लिश की। 

उस पब्लिशर  ने उनको किताब के लेखक का नाम Joanne Rowling  की जगह ऐसा नाम रखने को कहा, जिससे पाठकों को पता ना चले कि यह किताब एक महिला ने लिखी है।  क्योंकि अगर पाठकों को पता चल जाए कि, यह किताब महिला ने लिखी है तो उनकी किताब में रुचि कम हो सकती है। तब उनका नाम Joanne Rowling था। उनका पति के साथ Divorce हो चुका था।  इसलिए उन्होंने अपना नाम J K Rowling रखा जिस का फुल फॉर्म है Joanne Kethleen Rowling इसमें कैथलीन उनकी दादी का नाम है। उन्होंने अपनी पहली किताब J K Rowling लेखक के नाम से पब्लिश की। 
     पहले किताब की एक हजार कॉपी पब्लिश की गई थी। लेकिन किताब पब्लिश होने के 8 महीने बाद किताब को ब्रिटिश बुक अवार्ड दिया गया।  बाद में उस बुक को चिल्ड्रंस बुक अवार्ड भी मिला। 
बाद में अमेरिका में उनकी बुक को पब्लिश करने के हक के लिए नीलामी हुई जिसकी बोली $ 105000 तक पहुंच गई।  उनकी चौथी किताब 'Goblet Of Fire' ने तो इंग्लैंड और अमेरिका के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इंग्लैंड में बुक पब्लिश होने के पहले ही दिन चार लाख  कॉपी बिक गई। 

  तो दोस्तों J K Rowling ने अपने जीवन में कठिनाइयों और मुसीबतों का सामना करके सफलता पाई उनके जीवन में 

कितनी मुसीबतें आई लेकिन उन्होंने किताब लिखना बंद नहीं किया ऐसे उनको बहुत बड़ी सफलता मिली हम कई बार 

हमारे जीवन में छोटी-छोटी असफलताओं से दुखी हो जाते हैं हमें यह कहानी से यह सीखने को मिलता है  कि कोई भी 

मुसीबत आए हमें हिम्मत नहीं हारना चाहिए हमें हमारे सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ाते बढ़ते रहना चाहिए। 
Thank You. 

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